IGNOU FREE BSSS-183 जीवन कौशल जानकारियां Solved Guess Paper 2025
Q1. नागरिक जागरूकता (Civic Awareness) क्या है? एक जिम्मेदार नागरिक के गुण बताएँ।
नागरिक जागरूकता से तात्पर्य उस समझ से है जिसमें व्यक्ति अपने अधिकारों, कर्तव्यों, सामाजिक दायित्वों, कानूनों, नियमों और शासन प्रणाली के बारे में जानकारी रखता है। एक नागरिक तभी जिम्मेदार बनता है जब वह अपने अधिकारों का सही उपयोग करे और कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करे। एक जागरूक नागरिक समाज को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बनाने में योगदान देता है।
एक जिम्मेदार नागरिक के कुछ प्रमुख गुण इस प्रकार हैं:
1. कानून का पालन
जिम्मेदार नागरिक कानून, नियमों और सरकारी निर्देशों का पालन करता है—जैसे ट्रैफिक नियम, कर (Tax) भुगतान, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा आदि।
2. अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी
नागरिक को अपने मौलिक अधिकार—स्वतंत्रता, समानता, अभिव्यक्ति और शिक्षा के अधिकार पता होने चाहिए। साथ ही उसके कर्तव्य—राष्ट्रध्वज का सम्मान, स्वच्छता, साम्प्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता बनाए रखना—भी समझने चाहिए।
3. सामाजिक सहभागिता
जागरूक नागरिक समाज सेवा, पर्यावरण अभियान, मतदान, ग्राम सभा, NGO गतिविधियों और सामुदायिक विकास में भाग लेते हैं।
4. विविधता का सम्मान
भारत जैसे विविध देश में एक जिम्मेदार नागरिक धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र के आधार पर भेदभाव नहीं करता और सभी के प्रति सम्मान रखता है।
5. पर्यावरणीय जागरूकता
प्रकृति की रक्षा, प्रदूषण नियंत्रण, पानी-बिजली की बचत और वृक्षारोपण जैसे कार्य नागरिक जिम्मेदारी का हिस्सा हैं।
6. सूचना की समझ
समाचार, सरकारी योजनाओं, नीति और समाजिक मुद्दों की जानकारी रखना नागरिक की जागरूकता को मजबूत बनाता है।
7. जिम्मेदार मतदान
लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक सोच-समझकर मतदान करें और राजनेताओं को जवाबदेह बनाए रखें।
नागरिक जागरूकता समाज का आधार है। जब लोग जागरूक होते हैं, तो उनके निर्णय समाज को बेहतर दिशा देते हैं तथा देश तेजी से विकास करता है।
Buy IGNOU Solved Guess Paper With Important Questions :-
CONTACT/WHATSAPP – 88822 85078
Q2. डिजिटल कौशल (Digital Skills) क्या हैं? आधुनिक जीवन में उनका महत्व समझाइए।
डिजिटल कौशल का अर्थ है—कंप्यूटर, मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों का प्रभावी और सुरक्षित उपयोग करने की क्षमता। यह 21वीं सदी में सबसे आवश्यक कौशलों में से एक है क्योंकि शिक्षा, काम, बैंकिंग, संचार और सरकारी सेवाएँ तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जा रही हैं।
डिजिटल कौशल में शामिल हैं—टाइपिंग, इंटरनेट ब्राउज़िंग, ईमेल का उपयोग, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, दस्तावेज़ बनाना, डेटा स्टोर करना, साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया उपयोग, ऑनलाइन मीटिंग, और बुनियादी तकनीकी समस्या समाधान।
डिजिटल कौशल का महत्व:
1. शिक्षा में सहायता:
ऑनलाइन क्लास, ई-बुक्स, डिजिटल नोट्स और वर्चुअल लर्निंग उपकरण सीखने के नए अवसर देते हैं।
2. रोजगार के अवसर:
लगभग हर नौकरी में कंप्यूटर और इंटरनेट का ज्ञान आवश्यक है। डिजिटल कौशल व्यक्ति को अधिक employable बनाता है।
3. संचार का सरल माध्यम:
ईमेल, वीडियो कॉल, सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स ने संवाद को तेज और आसान बना दिया है।
4. वित्तीय समावेशन:
UPI, online banking, wallet payments जैसी सेवाएँ पैसे को सुरक्षित और आसान तरीके से उपयोग करने की सुविधा देती हैं।
5. सरकारी सेवाओं तक पहुँच:
Aadhaar, PAN, ऑनलाइन फॉर्म, जन-कल्याण योजनाओं की जानकारी आदि डिजिटल कौशल के बिना संभव नहीं।
6. व्यापार और उद्यमिता:
ऑनलाइन मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, डिजिटल विज्ञापन छोटे व्यवसायों को भी वैश्विक स्तर तक ले जाते हैं।
7. साइबर सुरक्षा जागरूकता:
डिजिटल कौशल व्यक्ति को धोखाधड़ी, फेक वेबसाइट और डेटा चोरी से बचने में मदद करते हैं।
डिजिटल कौशल व्यक्ति को आधुनिक समाज में सक्षम, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
Q3. वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) क्या है? इसके महत्व का वर्णन कीजिए।
वित्तीय साक्षरता का अर्थ है—पैसे को समझदारी से कमाने, बचाने, खर्च करने, निवेश करने और सुरक्षित रखने की क्षमता। एक वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति सही वित्तीय फैसले ले सकता है और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकता है।
वित्तीय साक्षरता में बजट बनाना, बैंकिंग, बचत, कर्ज प्रबंधन, निवेश, बीमा और डिजिटल भुगतान का ज्ञान शामिल है।
वित्तीय साक्षरता का महत्व:
1. बेहतर धन प्रबंधन:
व्यक्ति अपनी आय-व्यय को समझकर अनावश्यक खर्चों से बचता है और योजनाबद्ध तरीके से पैसे का उपयोग करता है।
2. आपातकालीन स्थिति से निपटना:
बचत और इमरजेंसी फंड कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा प्रदान करते हैं।
3. कर्ज से बचाव:
लोन, EMI, ब्याज दरों और क्रेडिट कार्ड के उपयोग का सही ज्ञान होने से व्यक्ति कर्ज के जाल में नहीं फँसता।
4. निवेश के अवसर:
बचत, PPF, म्यूचुअल फंड, SIP, शेयर बाजार और बीमा जैसे विकल्पों को समझकर व्यक्ति अपना भविष्य सुरक्षित कर सकता है।
5. सुरक्षित डिजिटल लेन-देन:
ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और स्कैम से बचने के लिए डिजिटल जागरूकता आवश्यक है।
6. भविष्य की योजना:
रिटायरमेंट प्लान, बच्चों की शिक्षा, घर खरीदना, स्वास्थ्य बीमा आदि के लिए वित्तीय योजना आवश्यक है।
वित्तीय साक्षरता आर्थिक स्वतंत्रता और स्थिरता की आधारशिला है। यह व्यक्ति को समझदार, सावधान और आत्मनिर्भर बनाती है।
Q4. सुशासन (Good Governance) क्या है? इसके सिद्धांत और महत्व बताइए।
सुशासन का अर्थ है—पारदर्शी, जवाबदेह, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली। जब सरकार जनता की भलाई को सर्वोपरि रखते हुए निष्पक्ष, ईमानदार और कुशल तरीके से काम करती है, तो उसे सुशासन कहा जाता है।
सुशासन के मुख्य सिद्धांत हैं:
1. पारदर्शिता (Transparency):
सरकारी नीतियाँ, बजट और निर्णय स्पष्ट और सार्वजनिक होने चाहिए ताकि नागरिकों को जानकारी मिले।
2. जवाबदेही (Accountability):
अधिकारियों और नेताओं को अपने कार्यों का उत्तरदायी होना चाहिए। RTI एक्ट इसका महत्वपूर्ण साधन है।
3. विधि का शासन (Rule of Law):
कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए, चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो।
4. दक्षता और प्रभावशीलता:
सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, सड़क, बिजली आदि सेवाएँ समय पर और गुणवत्ता के साथ प्रदान करनी चाहिए।
5. सहभागिता (Participation):
जनता की भागीदारी—मतदान, जन-सुनवाई, ग्राम सभा—सुशासन का महत्वपूर्ण आधार है।
6. समानता और समावेशन:
समाज के कमजोर वर्गों को न्याय और अवसर मिलना आवश्यक है।
सुशासन का महत्व:
-
भ्रष्टाचार में कमी
-
आर्थिक विकास में वृद्धि
-
सामाजिक न्याय की स्थापना
-
जनता का सरकार पर विश्वास
-
शांति और स्थिरता
-
नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार
सुशासन किसी भी राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि की नींव है।
Buy IGNOU Solved Guess Paper With Important Questions :-
CONTACT/WHATSAPP – 88822 85078
Q5. करियर कौशल (Career Skills) क्या हैं? पेशेवर सफलता के लिए आवश्यक कौशलों का वर्णन कीजिए।
करियर कौशल वे क्षमताएँ हैं जो किसी व्यक्ति को अपने पेशे में सफल होने के लिए आवश्यक होती हैं। ये कौशल केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं होते, बल्कि व्यक्तित्व, व्यवहार और संचार से भी जुड़े होते हैं।
सफल करियर के लिए आवश्यक कौशल:
1. संचार कौशल:
स्पष्ट बोलना, ध्यान से सुनना और प्रभावी लेखन—किसी भी नौकरी का आधार हैं।
2. टीमवर्क:
सहयोग और समझदारी से टीम में काम करने की क्षमता कार्यस्थल की उत्पादकता बढ़ाती है।
3. समस्या-समाधान:
तार्किक सोच, विश्लेषण और रचनात्मकता व्यक्ति को जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम बनाते हैं।
4. समय प्रबंधन:
समय पर काम पूरा करना, प्राथमिकताएँ तय करना और अनुशासन सफलता के लिए अनिवार्य हैं।
5. अनुकूलनशीलता:
नई परिस्थितियों, तकनीकी बदलाव और चुनौतियों को स्वीकार करने की क्षमता व्यक्ति को मजबूत बनाती है।
6. नेतृत्व कौशल:
टीम को प्रेरित करना, निर्णय लेना और जिम्मेदारी निभाना नेतृत्व के मुख्य गुण हैं।
7. डिजिटल कौशल:
कंप्यूटर, इंटरनेट, ईमेल, ऑनलाइन टूल, डेटा और सॉफ्टवेयर का ज्ञान हर नौकरी में आवश्यक है।
8. पेशेवर नैतिकता:
ईमानदारी, अनुशासन, सम्मान और जिम्मेदारी कार्यस्थल पर सकारात्मक छवि बनाते हैं।
करियर कौशल व्यक्ति को प्रतिस्पर्धा में आगे रखते हैं और सफलता, स्थिरता और संतुष्टि प्रदान करते हैं।
Q6. समस्या-समाधान और निर्णय-निर्माण कौशल का दैनिक जीवन में महत्व समझाइए।
समस्या-समाधान (Problem-Solving) और निर्णय-निर्माण (Decision-Making) दो महत्वपूर्ण जीवन कौशल हैं जो व्यक्ति को रोजमर्रा की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सहायता करते हैं। जीवन में हर व्यक्ति को शैक्षणिक समस्याएँ, आर्थिक मुद्दे, पारिवारिक मतभेद, स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयाँ या कार्यस्थल की चुनौतियाँ झेलनी पड़ती हैं। ऐसे समय में समस्या को सही ढंग से पहचानना और उपयुक्त समाधान चुनना अत्यंत आवश्यक होता है।
सबसे पहले समस्या-समाधान का आधार समस्या की सही पहचान है। यदि समस्या को स्पष्ट रूप से समझा नहीं गया, तो समाधान भी प्रभावी नहीं होगा। इसके बाद व्यक्ति आवश्यक जानकारी इकट्ठा करता है, विभिन्न विकल्पों पर विचार करता है और फिर उनके लाभ-हानि का विश्लेषण करता है। यह प्रक्रिया उसे तार्किक और विवेकपूर्ण निर्णय लेने में मदद करती है।
निर्णय-निर्माण समस्या-समाधान से गहराई से जुड़ा होता है। एक अच्छा निर्णय वही होता है जो भावना, तर्क और परिस्थिति तीनों को संतुलित करता है। सही निर्णय जीवन को व्यवस्थित, स्थिर और संतुलित बनाता है।
इन दोनों कौशलों का महत्व इस प्रकार है:
1. तनाव में कमी:
समस्याओं का समाधान ढूँढने वाला व्यक्ति तनाव की बजाय समाधान पर ध्यान देता है, जिससे मानसिक दबाव घटता है।
2. बेहतर संबंध:
परिवार और कार्यस्थल दोनों में निर्णय लेने और मतभेद हल करने की क्षमता रिश्तों को मजबूत बनाती है।
3. शैक्षणिक और व्यावसायिक सफलता:
छात्र कठिन विषयों और प्रोजेक्ट्स को बेहतर ढंग से पूरा कर पाते हैं। कार्यस्थल पर व्यक्ति योजनाएँ, समय-सीमा और संसाधनों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करता है।
4. स्वतंत्रता:
व्यक्ति अपने फैसले खुद लेने में सक्षम होता है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
5. आत्मविश्वास:
जब व्यक्ति समस्याओं को हल करता है, उसमें आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है।
इस प्रकार, समस्या-समाधान और निर्णय-निर्माण जीवन की सफलता, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए अत्यंत आवश्यक कौशल हैं।
Buy IGNOU Solved Guess Paper With Important Questions :-
CONTACT/WHATSAPP – 88822 85078
Q7. संचार कौशल क्या है? इसके प्रकार और महत्व स्पष्ट कीजिए।
संचार कौशल (Communication Skills) से तात्पर्य जानकारी, भावनाएँ, विचार और संदेश को स्पष्ट, प्रभावी और सम्मानपूर्वक व्यक्त करने की क्षमता से है। किसी भी व्यक्ति के व्यक्तिगत, सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में संचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संचार के मुख्य तीन प्रकार हैं:
1. मौखिक संचार (Verbal Communication)
यह बोलने और सुनने पर आधारित होता है। भाषा की स्पष्टता, उच्चारण, स्वर, गति और आत्मविश्वास इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. अवाचिक संचार (Non-Verbal Communication)
यह शरीर की भाषा, चेहरे के भाव, आँखों का संपर्क, हाव-भाव, बैठने-खड़े होने की मुद्रा आदि पर आधारित होता है। कई बार बिना कुछ कहे भी व्यक्ति बहुत कुछ व्यक्त कर देता है।
3. लिखित संचार (Written Communication)
पत्र, ईमेल, रिपोर्ट, मैसेज, निबंध, सोशल मीडिया पोस्ट आदि इसके अंतर्गत आते हैं। इसमें भाषा की शुद्धता, स्पष्टता और उचित संरचना आवश्यक होती है।
संचार कौशल का महत्व
1. अच्छे संबंधों का निर्माण:
स्पष्ट और सम्मानजनक संचार गलतफहमियों को कम करता है और विश्वास बढ़ाता है।
2. रोजगार में सफलता:
किसी भी नौकरी में प्रभावी बोलना, समझाना और टीम के साथ कार्य करना बहुत आवश्यक है।
3. आत्मविश्वास में वृद्धि:
अच्छे संचार से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है।
4. नेतृत्व और टीमवर्क:
नेता वही सफल होता है जो प्रभावी ढंग से संवाद कर सके। टीमवर्क भी संचार पर आधारित है।
5. समस्या-समाधान:
सही संचार से व्यक्ति अपनी बात रख सकता है और समाधान खोजने में सहयोग कर सकता है।
इस प्रकार संचार कौशल हर क्षेत्र में सफलता का आधार माना जाता है।
Q8. समय प्रबंधन (Time Management) क्या है? इसे सुधारने की रणनीतियाँ बताइए।
समय प्रबंधन का अर्थ है समय को योजनाबद्ध, संगठित और नियंत्रित तरीके से उपयोग करना। जो व्यक्ति समय का सही प्रबंधन करता है, वह अपने कार्य प्रभावी ढंग से पूरा करता है, तनाव कम करता है और अपने लक्ष्यों को समय पर प्राप्त कर लेता है।
समय प्रबंधन की प्रमुख रणनीतियाँ इस प्रकार हैं:
1. लक्ष्य निर्धारण (Goal Setting):
स्पष्ट लक्ष्य दिशा प्रदान करते हैं। लक्ष्य हमेशा SMART होने चाहिए—Specific, Measurable, Achievable, Relevant, Time-bound।
2. प्राथमिकता तय करना (Prioritization):
महत्वपूर्ण कार्यों को पहले करने की आदत कार्यक्षमता बढ़ाती है। ABC विधि अक्सर उपयोग की जाती है:
A = अत्यंत महत्वपूर्ण
B = महत्वपूर्ण
C = कम महत्वपूर्ण
3. विलंब से बचना (Avoiding Procrastination):
काम को टालना तनाव और खराब परिणाम का कारण बनता है। छोटे-छोटे भागों में कार्य को बाँटकर शुरू करना लाभदायक होता है।
4. समय-सारणी बनाना (Scheduling):
दैनिक या साप्ताहिक योजना बनाना व्यक्ति को व्यवस्था में रखता है। इससे पढ़ाई, काम, आराम और मनोरंजन में संतुलन रहता है।
5. ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी:
सोशल मीडिया, मोबाइल और अनावश्यक बातचीत समय की बर्बादी बढ़ाते हैं। समय प्रबंधन के लिए आत्मअनुशासन आवश्यक है।
6. विराम लेना:
बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेने से मन तरोताजा रहता है और कार्य का स्तर बेहतर होता है।
समय प्रबंधन के लाभ
-
तनाव कम होता है
-
कार्यक्षमता बढ़ती है
-
परिणाम बेहतर आते हैं
-
आत्मविश्वास बढ़ता है
-
जीवन संतुलित होता है
इस प्रकार, समय प्रबंधन आधुनिक जीवन की सबसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों में से एक है।
Buy IGNOU Solved Guess Paper With Important Questions :-
CONTACT/WHATSAPP – 88822 85078
Q9. भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) क्या है? इसके घटक और महत्व समझाइए।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence–EI) वह क्षमता है जिसके द्वारा व्यक्ति अपनी भावनाओं को पहचानता, समझता और नियंत्रित करता है तथा दूसरों की भावनाओं को भी महसूस करता है। आज के दौर में EI को सफलता, नेतृत्व और संबंधों का सबसे बड़ा आधार माना जाता है।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता के पाँच प्रमुख घटक हैं:
1. आत्म-जागरूकता (Self-Awareness):
अपनी भावनाओं, ताकतों, कमजोरियों और प्रतिक्रियाओं को पहचानना। आत्म-जागरूक व्यक्ति जल्द गुस्सा या तनाव में गलत निर्णय नहीं लेता।
2. आत्म-नियंत्रण (Self-Regulation):
भावनाओं जैसे गुस्सा, डर, झुंझलाहट को नियंत्रित करना। इससे व्यक्ति शांत और संतुलित रहता है।
3. प्रेरणा (Motivation):
आंतरिक प्रेरणा व्यक्ति को लक्ष्य प्राप्ति में निरंतर बनाए रखती है। ऐसे लोग कठिनाइयों से नहीं घबराते।
4. सहानुभूति (Empathy):
दूसरों के भावों को समझना और उनके दृष्टिकोण को महसूस करना। यह रिश्तों को मजबूत करता है।
5. सामाजिक कौशल (Social Skills):
टीमवर्क, संवाद, सहयोग और संघर्ष-समाधान जैसे कौशल अच्छे सामाजिक संबंध बनाते हैं।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता का महत्व
1. बेहतर संबंध:
EI वाले लोग समझदारी से बात करते हैं, इसलिए उनके रिश्ते मजबूत होते हैं।
2. तनाव प्रबंधन:
वे कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहते हैं।
3. व्यावसायिक सफलता:
नेतृत्व, टीमवर्क और निर्णय-निर्माण में EI बहुत उपयोगी है।
4. मानसिक स्वास्थ्य:
EI व्यक्ति को सकारात्मक और आत्मविश्वासी बनाता है।
भावनात्मक बुद्धिमत्ता व्यक्ति को अधिक संवेदनशील, समझदार और सफल बनाती है।
Q10. नेतृत्व (Leadership) क्या है? एक प्रभावी नेता के गुणों का वर्णन कीजिए।
नेतृत्व वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति दूसरों को प्रेरित, निर्देशित और संगठित करता है ताकि सामूहिक लक्ष्य पूरे किए जा सकें। नेतृत्व पद या अधिकार से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, दृष्टिकोण और व्यवहार से पहचाना जाता है।
एक प्रभावी नेता के मुख्य गुण हैं:
1. स्पष्ट दृष्टि (Vision):
नेता के पास भविष्य की स्पष्ट दिशा और लक्ष्य होते हैं, जो टीम को प्रेरित करते हैं।
2. प्रभावी संचार (Communication):
नेता अपने विचार स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करता है और दूसरों की बात ध्यान से सुनता है।
3. आत्मविश्वास (Confidence):
नेता कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ रहता है। आत्मविश्वास टीम में भी ऊर्जा भरता है।
4. ईमानदारी (Integrity):
सत्यनिष्ठा, नैतिकता और भरोसा नेतृत्व की नींव हैं। लोग ऐसे व्यक्ति का अनुसरण करते हैं जिस पर विश्वास किया जा सके।
5. सहानुभूति (Empathy):
एक अच्छा नेता दूसरों की भावनाओं को समझता है और उनकी आवश्यकताओं का सम्मान करता है।
6. निर्णय लेने की क्षमता:
नेता उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण कर सही समय पर उचित निर्णय लेता है।
7. समस्या-समाधान कौशल:
नेता चुनौतियों का समाधान ढूँढता है और टीम का मनोबल बढ़ाता है।
8. अनुकूलनशीलता (Adaptability):
परिस्थितियों में बदलाव होने पर नेता परिस्थिति के अनुसार योजना बदल सकता है।
9. प्रेरणा देना:
नेता अपनी टीम को उत्साहित करता है, उनके प्रयासों की सराहना करता है और उन्हें लक्ष्य की ओर प्रेरित करता है।
10. जिम्मेदारी (Accountability):
नेता सफलता और असफलता दोनों की जिम्मेदारी स्वीकार करता है।
इस प्रकार, नेतृत्व एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल है जो समाज, संगठन और परिवार तक में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
Buy IGNOU Solved Guess Paper With Important Questions :-
CONTACT/WHATSAPP – 88822 85078
Follow For Updates: senrigbookhouse
Read Also :