IGNOU FREE BANS-184 सार्वजनिक स्वास्थ्य और महामारी विज्ञान Solved Guess Paper With Imp Questions 2025

IGNOU FREE BANS-184 सार्वजनिक स्वास्थ्य और महामारी विज्ञान Solved Guess Paper 2025

प्रश्न 1: सार्वजनिक स्वास्थ्य की परिभाषा, सिद्धांत और समाज में इसका महत्व समझाइए।

सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) वह विज्ञान और कला है जो रोगों की रोकथाम, जीवनकाल की वृद्धि और स्वास्थ्य संवर्धन के लिए समुदाय स्तर पर संगठित प्रयास करता है। यह व्यक्तिगत चिकित्सा सेवा से अलग है क्योंकि इसका फोकस पूरे समुदाय या जनसंख्या पर होता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन को स्वस्थ, सुरक्षित और उत्पादक बनाना है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुख्य सिद्धांत हैं:

  1. रोग की रोकथाम (Disease Prevention): बीमारियों का पहले ही रोकथाम करना। उदाहरण के लिए टीकाकरण, सफाई, जल और वायु शुद्धिकरण।

  2. स्वास्थ्य संवर्धन (Health Promotion): लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करना। जैसे पोषण, व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी बदलाव।

  3. समानता (Equity): सभी लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच।

  4. सामुदायिक भागीदारी (Community Participation): स्वास्थ्य कार्यक्रम तभी सफल होते हैं जब समुदाय सक्रिय रूप से भाग ले।

  5. सर्वेक्षण और निगरानी (Surveillance): रोगों की निरंतर निगरानी और समय पर रोकथाम।

सार्वजनिक स्वास्थ्य का महत्व अत्यधिक है। यह संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकता है, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार करता है, जीवन प्रत्याशा बढ़ाता है और स्वास्थ्य असमानता को कम करता है। यह पर्यावरणीय स्वास्थ्य जैसे स्वच्छता, जल और वायु गुणवत्ता, अपशिष्ट प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को नियंत्रित करता है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह अस्पताल में भर्ती और उपचार की लागत को कम करता है और कार्यक्षमता बढ़ाता है। सामाजिक दृष्टि से, यह जीवन की गुणवत्ता में सुधार, रोग-प्रतिरोधक क्षमता और सामाजिक स्थिरता प्रदान करता है।

इस प्रकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि रोग रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन और जीवन की गुणवत्ता सुधारने का एक व्यापक दृष्टिकोण है।

प्रश्न 2: महामारी विज्ञान की परिभाषा, उद्देश्य और उपयोग बताइए।

महामारी विज्ञान (Epidemiology) वह विज्ञान है जो जनसंख्या में स्वास्थ्य-संबंधित घटनाओं के वितरण और निर्धारकों का अध्ययन करता है और इसका उपयोग स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए करता है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन से रोग क्यों और किसे प्रभावित करते हैं।

महामारी विज्ञान के मुख्य उद्देश्य हैं:

  1. रोग के कारणों का अध्ययन: जोखिम कारक जैसे जीवनशैली, पर्यावरण, अनुवांशिकता आदि की पहचान करना।

  2. रोग की स्थिति का वर्णन: रोग की व्यापकता, घटनावृति, मृत्यु दर और रोग भार को मापना।

  3. भविष्यवाणी: रोग प्रवृत्तियों का अनुमान लगाना ताकि स्वास्थ्य प्रणालियाँ तैयार रहें।

  4. हस्तक्षेप का मूल्यांकन: टीकाकरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम या नीतियों की प्रभावशीलता जांचना।

महामारी विज्ञान का उपयोग व्यापक है। यह रोग निगरानी (Disease Surveillance) में मदद करता है जैसे टीबी, मलेरिया या COVID-19। यह उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान करता है और स्वास्थ्य सेवाओं की योजना और प्रबंधन में योगदान देता है। इसके अलावा, यह पर्यावरणीय स्वास्थ्य, पोषण, और सामुदायिक स्वास्थ्य शिक्षा में भी उपयोगी है।

संक्षेप में, महामारी विज्ञान सार्वजनिक स्वास्थ्य का मूल आधार है, जो डेटा, विश्लेषण और शोध के माध्यम से समाज में रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य संवर्धन सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 3: रोग का प्राकृतिक इतिहास और रोकथाम के स्तर समझाइए।

रोग का प्राकृतिक इतिहास (Natural History of Disease) रोग के बिना किसी चिकित्सा हस्तक्षेप के प्रगति को दर्शाता है। इसे समझकर हम रोग के विभिन्न चरणों में रोकथाम लागू कर सकते हैं।

प्रारंभिक चरण (Pre-pathogenesis): रोग शुरू होने से पहले, व्यक्ति केवल जोखिम में होता है। उदाहरण: अस्वच्छता, पोषण की कमी।
रोगजनन चरण (Pathogenesis): रोगजनक के शरीर में प्रवेश से शुरू होकर लक्षण, जटिलता और अंततः स्वास्थ्य परिणाम (उपचार, विकलांगता या मृत्यु) तक चलता है।

रोकथाम के स्तर:

  1. प्राथमिक रोकथाम (Primary Prevention): रोग होने से पहले रोकथाम। जैसे टीकाकरण, सफाई, सुरक्षित पानी, पोषण और व्यायाम।

  2. द्वितीयक रोकथाम (Secondary Prevention): रोग की शीघ्र पहचान और उपचार। जैसे उच्च रक्तचाप या कैंसर स्क्रीनिंग।

  3. तृतीयक रोकथाम (Tertiary Prevention): रोग के बाद विकलांगता को कम करना और जीवन गुणवत्ता सुधारना। जैसे पुनर्वास, फिजियोथेरेपी।

इन स्तरों के माध्यम से रोग चक्र को रोका जा सकता है और स्वास्थ्य परिणाम सुधार सकता है।

प्रश्न 4: रोगजनन के सिद्धांत और महामारी विज्ञान त्रिकोण (Epidemiological Triad) समझाइए।

रोगजनन (Disease Causation) वह प्रक्रिया है जिससे रोग उत्पन्न होता है। अधिकांश रोग बहु-कारक होते हैं।
महामारी विज्ञान त्रिकोण के तीन घटक हैं:

  1. एजेंट (Agent): रोगजनक जैसे बैक्टीरिया, विष, भौतिक कारक।

  2. होस्ट (Host): रोग को प्रभावित करने वाला व्यक्ति, उसकी प्रतिरोधक क्षमता, आयु, लिंग।

  3. पर्यावरण (Environment): बाहरी कारक जैसे स्वच्छता, सामाजिक और भौतिक वातावरण।

रोग तब होता है जब रोगजनक होस्ट में प्रवेश करता है और पर्यावरण अनुकूल हो। यह मॉडल रोकथाम रणनीति बनाने में सहायक है।

प्रश्न 5: स्वास्थ्य पर सामाजिक निर्धारकों (Social Determinants of Health) का प्रभाव समझाइए।

सामाजिक निर्धारक वे गैर-चिकित्सीय कारक हैं जो स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इसमें आय, शिक्षा, रोजगार, लिंग, वातावरण और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच शामिल है।

मुख्य प्रभाव:

  • गरीबी: पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी।

  • शिक्षा: स्वास्थ्य व्यवहार, रोग जागरूकता और उपचार की समझ।

  • रोजगार और आय: सुरक्षित कार्य और जीवन गुणवत्ता।

  • लिंग: महिलाओं का स्वास्थ्य और मातृ स्वास्थ्य।

  • पर्यावरण: जल, वायु प्रदूषण, आवास की स्थिति।

सामाजिक निर्धारक स्वास्थ्य असमानता को प्रभावित करते हैं। उनका सुधार स्वास्थ्य सुधार के लिए आवश्यक है।

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