Delhi University Scholarships 2024: Application Form, Eligibility, Documents

Delhi University Scholarships 2024: Application Form, Eligibility, Documents

Contents1 Delhi University Scholarships for UG Courses2 Delhi University Scholarship for PG courses3 Delhi University Scholarships Department Specific3.1 Delhi Government scholarships for SC/ST/OBC/Minority Students3.2 Merit Scholarship for SC/ST/OBC Students3.3 Reimbursement of Tuition Fee for SC/ST/OBC Students3.4 Dr. B.R. Ambedkar State Award to SC/ST/OBC/Minority Students Delhi University Scholarships for UG Courses Delhi University Scholarships 2024- Delhi … Read more

BLISc, MLISc Admissions: Last Date Of Registration by UGC-DEB/DU

BLISc, MLISc Admissions: Last Date Of Registration by UGC-DEB/DU

Contents1 Understanding the Role of UGC-DEB and DU in Admissions2 Delhi University: A Premier Institution3 Registration4 Filling the Application Form5 Choosing Your Program6 Fee Payment7 Merit List and Selection7.1 The Registration Process7.2 UGC-DEB Regulated Institutions7.3 Delhi University (DU)7.4 Eligibility Criteria Understanding the Role of UGC-DEB and DU in Admissions BLISc, MLISc Admissions: Last date of … Read more

Under Graduate Admissions: Last date of Registration by UGC-DEB/DU

Under Graduate Admissions: Last date of Registration by UGC-DEB/DU

Contents1 Understanding the Role of UGC-DEB and DU in Admissions2 Delhi University: A Premier Institution3 Registration4 Filling the Application Form5 Choosing Your Program6 Fee Payment7 Merit List and Selection7.1 The Registration Process7.2 UGC-DEB Regulated Institutions7.3 Delhi University (DU)7.4 Eligibility Criteria Understanding the Role of UGC-DEB and DU in Admissions Under Graduate Admissions: Last date of … Read more

2nd Year B.A Human Rights Very Important Questions by SENRiG

2nd Year B.A Human Rights Very Important Questions by SENRiG

2nd Year B.A Human Rights Very Important Questions  – मानवाधिकार में बीए का दूसरा वर्ष आम तौर पर अधिक जटिल मानवाधिकार मुद्दों की खोज और अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मानवाधिकार ढांचे में गहराई से जाकर पहले वर्ष में निर्धारित नींव पर आधारित होता है। Contents1 अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून2 मानवाधिकार और विकास3 मानवाधिकार और वैश्वीकरण4 विशिष्ट संदर्भों … Read more

सिनेमा निर्माण में कैमरे की भूमिका एवं महत्व का प्रतिपादन कीजिए

सिनेमा निर्माण में कैमरे की भूमिका एवं महत्व का प्रतिपादन कीजिए

सिनेमा निर्माण में कैमरे की भूमिका एवं महत्व का प्रतिपादन कीजिए – सिनेमा निर्माण में कैमरा एक महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा है। यह एक माध्यम है जिसके माध्यम से दर्शकों को कहानी का विवरण, चरित्रों की भावनाओं, स्थलों की विशेषताओं, और संगीत के महत्व को प्रस्तुत किया जाता है। सिनेमा निर्माण में कैमरे की भूमिका … Read more

हिंदी सिनेमा के उद्धव और विकास का परिचय दीजिए

हिंदी सिनेमा के उद्धव और विकास का परिचय दीजिए

हिंदी सिनेमा के उद्धव और विकास का परिचय दीजिए – हिंदी सिनेमा, जिसे बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है, भारत और दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय मनोरंजन उद्योगों में से एक है। इसकी समृद्ध विरासत और विविधतापूर्ण कहानियों ने इसे दुनिया भर के दर्शकों का दिल जीत लिया है। इस लेख में, हम … Read more

कला विद्या के रूप में सिनेमा और उसकी सैद्धांतिक का परिचय दीजिए

कला विद्या के रूप में सिनेमा और उसकी सैद्धांतिक का परिचय दीजिए

कला विद्या के रूप में सिनेमा और उसकी सैद्धांतिक का परिचय दीजिए – कला विद्या के रूप में सिनेमा एक महत्वपूर्ण और रोचक माध्यम है जो मानवीय अनुभवों, भावनाओं, समाजिक संरचनाओं, और विचारों को दर्शाता है। सिनेमा का अध्ययन न केवल उसके मनोरंजनात्मक और व्यावसायिक पहलुओं को समझने में मदद करता है, बल्कि इससे समाज … Read more

B.A. Prog./Hons. Sem. 1st/3rd Reading Indian Fiction in English Important Questions with Answers

B.A. Prog./Hons. Sem. 1st/3rd Reading Indian Fiction in English Important Questions with Answers

B.A. Prog./Hons. Sem. 1st/3rd Reading Indian Fiction in English Imp. Ques with Ans- The rich tapestry of Indian fiction written in English. It delves into the works of renowned authors who capture the essence of Indian culture, society, and history through their unique voices.  Important FOR SOLVED PDF & Notes WhatsApp – 8130208920   Contents1 Course … Read more

DU B.A. PROG. SOL Sem 1st & 6th Cinema Aur Uska Adhyayan Notes

DU B.A. PROG. SOL Sem 1st & 6th Cinema Aur Uska Adhyayan Notes

DU B.A. PROG. SOL Sem 1st & 6th Cinema Aur Uska Adhyayan Notes – सिनेमा, चलचित्र या फिल्म, मनोरंजन का एक शक्तिशाली माध्यम है जो कहानियों, विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए दृश्य और ध्वनि का उपयोग करता है। यह न केवल मनोरंजन करता है, बल्कि शिक्षित, प्रेरित और सामाजिक परिवर्तन भी ला … Read more

DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers

DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers

DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers- सिनेमा, चलती-फिरती तस्वीरों का जादू, मनोरंजन का अद्भुत माध्यम, और सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन का वाहक। यह कला का एक ऐसा रूप है जो दृश्य, ध्वनि और गति को मिलाकर कहानियां बयां करता है, भावनाओं को जगाता है, और विचारों को प्रेरित करता है।

 Important FOR SOLVED PDF & Notes
WhatsApp – 8130208920   

हिंदी सिनेमा, जिसे बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है, भारत में सबसे लोकप्रिय मनोरंजन उद्योगों में से एक है। इसकी शुरुआत 19वीं शताब्दी के अंत में हुई थी और तब से यह दुनिया भर के दर्शकों का मनोरंजन करता रहा है। DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers

  • इकाई 1: सिनेमा का इतिहास और विकास
  • इकाई 2: सिनेमा के सिद्धांत
  • इकाई 3: हिंदी सिनेमा की शैलियाँ
  • इकाई 4: हिंदी सिनेमा के प्रमुख फिल्म निर्माता, निर्देशक, अभिनेता, और अभिनेत्रियाँ
  • इकाई 5: हिंदी सिनेमा की भाषा, शैली, और तकनीकें
  • इकाई 6: हिंदी सिनेमा का सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव

पाठ्यक्रम के मुख्य विषय

  • सिनेमा का इतिहास: सिनेमा के जन्म और विकास का अध्ययन, विभिन्न देशों और क्षेत्रों में सिनेमा का इतिहास, भारतीय सिनेमा का इतिहास, हिंदी सिनेमा का स्वर्ण युग, समकालीन हिंदी सिनेमा।
  • सिनेमा के सिद्धांत: सिनेमा के विभिन्न सिद्धांतों का अध्ययन, यथार्थवाद, आधुनिकतावाद, अभिव्यक्तिवाद, समाजवादी यथार्थवाद, स्त्रीवादी सिद्धांत, आदि।
  • सिनेमा की शैलियां: विभिन्न सिनेमाई शैलियों का अध्ययन, एक्शन, रोमांस, कॉमेडी, ड्रामा, थ्रिलर, वृत्तचित्र, आदि।
  • सिनेमा की तकनीकें: सिनेमा निर्माण की विभिन्न तकनीकों का अध्ययन, कैमरा, ध्वनि, संपादन, दृश्य प्रभाव, आदि।
  • सिनेमा का सामाजिक-सांस्कृतिक प्रभाव: सिनेमा का समाज और संस्कृति पर प्रभाव, लिंग, जाति, वर्ग, और सामाजिक मुद्दों का चित्रण, सिनेमा और सामाजिक परिवर्तन। DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers

सिनेमा का इतिहास

  • प्रारंभिक सिनेमा (1913-1947): मूक फ़िल्में, पारसी थिएटर, और सामाजिक संदेश वाली फ़िल्मों का उदय।
  • स्वर्ण युग (1947-1960): समानांतर सिनेमा और मुख्यधारा सिनेमा का विकास, नवयथार्थवाद और रूमानियत जैसे चित्रों का प्रभाव।
  • नया सिनेमा (1960-1980): प्रायोगिक सिनेमा, सामाजिक यथार्थवाद और राजनीतिक सिनेमा का उदय।
  • अर्थ सिनेमा और बॉलीवुड (1980-वर्त्तमान): अर्थ सिनेमा का विकास, बॉलीवुड का व्यवसायीकरण और वैश्विक पहल।

सिनेमा के तत्व

  • कहानी और पटकथा: सिनेमा में कहानी सुनाने की कला, पटकथा का निर्माण और उसके प्रकार।
  • चरित्र और अभिनय: चरित्र निर्माण, अभिनय के प्रकार और प्रमुख अभिनय का योगदान।
  • निर्देश: निर्देशक की भूमिका, दृश्य रचना और फिल्म की शैली।
  • छायाग्रहण: प्रकाश और छाया का उपयोग, कैमरावर्क और फ्रेमिंग की तकनीक का महत्व।
  • सम्पादन: फिल्म को एक साथ जोड़ने की कला, एडिटिंग के प्रकार और उनका प्रभाव।
  • संगीत और शब्द: संगीत का महत्व, पार्श्व गायन और बैकग्राउंड स्कोर का उपयोग।

सिनेमा का सामाजिक-संस्कृतिक प्रभाव

  • सिनेमा और समाज: सिनेमा का सामाजिक मुद्दा और परिवर्तन प्रति प्रभाव, जाति, लिंग और वर्ग जैसे विषयों का चित्रण।
  • सिनेमा और संस्कृति: सिनेमा का भारतीय संस्कृति और परंपरा, लोकप्रिय संस्कृति में सिनेमा का स्थान।
  • सिनेमा और राजनीति: सिनेमा और राजनीति मुद्दों का संबंध, प्रचार और प्रतिरोध सिनेमा का उपयोग।

भारतीय सिनेमा के प्रमुख प्रकार

  • अर्थ सिनेमा: समसा आधारित फिल्मों का एक उदाहरण जो सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर केन्द्रित होता है।
  • बॉलीवुड सिनेमा: व्यावसायिक सिनेमा जो कहानी, संगीत और नृत्य पर आधारित होता है।
  • समानांतर सिनेमा: अर्थ सिनेमा का एक प्रकार जो सामाजिक यथार्थ और व्यक्ति अनुभव से केन्द्रित होता है।
  • क्षेत्रीय सिनेमा: भाषा और संस्कृति के आधार पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में बनाई गई फिल्मों का एक समूह।

हिंदी सिनेमा का इतिहास

हिंदी सिनेमा, जिसे बॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है, भारत का सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली फिल्म उद्योग है। यह मुंबई (पहले बॉम्बे) में स्थित है, और इसकी शुरुआत 19वीं शताब्दी के अंत में हुई थी। DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers

प्रारंभिक वर्ष (1913-1947)

  • 1913 में, दादासाहेब फाल्के द्वारा निर्देशित भारत की पहली पूर्ण-लंबाई वाली फीचर फिल्म, “राजा हरिश्चंद्र” रिलीज़ हुई थी।
  • 1920 के दशक में, मूक फिल्मों का स्वर्ण युग था, जिसमें “देवदास” (1927) और “आलम आरा” (1931) जैसी क्लासिक फिल्में शामिल थीं।
  • 1931 में, भारत की पहली “टॉकी” फिल्म, “आलम आरा” रिलीज़ हुई थी।
  • 1940 के दशक में, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों का निर्माण हुआ, जैसे “मेरा भारत” (1948) और “धरती का लाल” (1949)।

स्वर्ण युग (1947-1970)

  • भारतीय स्वतंत्रता के बाद, हिंदी सिनेमा ने अपना स्वर्ण युग देखा।
  • इस दौर में, रोमांस, ड्रामा, संगीत और एक्शन जैसी विभिन्न शैलियों की फिल्में लोकप्रिय हुईं।
  • राज कपूर, दिलीप कुमार, देव आनंद, नरगिस और मधुबाला जैसे अभिनेता और अभिनेत्रियां इस दौर के सुपरस्टार बन गए।
  • इस कालखंड की कुछ प्रसिद्ध फिल्मों में “श्री 420” (1955), “आवारा” (1951), “मुगल-ए-आज़म” (1960), “शोले” (1975) और “आनंद” (1971) शामिल हैं।

नया सिनेमा (1970-1990)

  • 1970 के दशक में, हिंदी सिनेमा में यथार्थवाद और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने वाला “नया सिनेमा” आंदोलन उभरा।
  • इस दौर की कुछ प्रमुख फिल्मों में “मृत्युदाता” (1977), “अर्ध सत्य” (1983) और “मिर्च मसाला” (1985) शामिल हैं।
  • 1980 और 1990 के दशक में, एक्शन, कॉमेडी और रोमांस जैसी शैलियों की फिल्में फिर से लोकप्रिय हुईं।
  • अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान और काजोल जैसे अभिनेता और अभिनेत्रियां इस दौर के सुपरस्टार बन गए।
  • इस कालखंड की कुछ प्रसिद्ध फिल्मों में “दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे” (1995), “बाजीगर” (1993), “करण अर्जुन” (1995) और “हम दिल दे चुके सनम” (1999) शामिल हैं।

आधुनिक हिंदी सिनेमा 

  • 21वीं सदी में, हिंदी सिनेमा ने वैश्विक स्तर पर लोकप्रियता हासिल की है।
  • फिल्मों में विशेष प्रभावों, शानदार सेट और विदेशी स्थानों का उपयोग बढ़ा है।
  • हिंदी सिनेमा अब विभिन्न प्रकार की कहानियों और शैलियों का निर्माण कर रहा है, जिसमें स्वतंत्र फिल्में, कला फिल्में और डॉक्यूमेंट्री शामिल हैं।
  • संजय दत्त, ऋतिक रोशन, हृतिक रोशन, करीना कपूर और दीपिका पादुकोण जैसे अभिनेता और अभिनेत्रियां इस दौर के सुपरस्टार बन गए हैं।

भारत की पहली बोलती फिल्म: आलम आरा

“आलम आरा” भारत की पहली पूर्ण-लंबाई वाली बोलती फिल्म थी। यह 14 मार्च 1931 को रिलीज हुई थी और इसे अर्देशिर ईरानी ने निर्देशित किया था। फिल्म हिंदी भाषा में थी और इसमें वी. शांताराम, ज़ोहरा और जानकीनाथ ने अभिनय किया था।

“आलम आरा” का निर्माण इम्पीरियल फिल्म कंपनी ने किया था। फिल्म के निर्माण में 1.25 लाख रुपये की लागत आई थी, जो उस समय के लिए एक बड़ी राशि थी।

आलम आरा” एक ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म थी जो मुगल सम्राट शाहजहाँ के शासनकाल में सेट की गई थी। फिल्म में, राजकुमारी शीला (ज़ोहरा) को शाहजहाँ (वी. शांताराम) से प्यार हो जाता है।

“आलम आरा” एक बड़ी सफलता थी और इसने भारतीय सिनेमा में क्रांति ला दी। फिल्म ने दर्शकों को आकर्षित किया और उन्हें सिनेमा की इस नई कला के बारे में उत्साहित किया। “आलम आरा” के बाद, भारत में कई अन्य बोलती फिल्में बनाई गईं और हिंदी सिनेमा का जन्म हुआ।

B.A Prog. Sem. 6th Radio and Cinema in India English 

B.A Prog. Sem. 6th Radio and Cinema in India Hindi 

पहली भारतीय फिल्म 

DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers
DU SOL SEM. 6th HINDI : Cinema Aur Uska Adhyayan Imp Questions Answers

भारतीय सिनेमा का इतिहास 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। इस शानदार सफर की शुरुआत 1913 में हुई थी, जब दादासाहेब फाल्के ने “राजा हरिश्चंद्र” नामक पहली भारतीय फीचर फिल्म बनाई थी। यह फिल्म न केवल भारतीय सिनेमा के लिए एक मील का पत्थर थी, बल्कि पूरे विश्व में मनोरंजन के एक नए माध्यम की शुरुआत भी थी।

दादासाहेब फाल्के

Dada Saheb Phalke Death Anniversary Know Untold Facts About Father Of Indian Cinema - Entertainment News: Amar Ujala - Dada Saheb Phalke:दादा साहब फाल्के ने रखी थी भारतीय सिनेमा की नींव, पहली

दादासाहेब फाल्के, जिन्हें भारतीय सिनेमा का “पिता” भी कहा जाता है, एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। वे एक कलाकार, चित्रकार, प्रिंटर, जादूगर और उद्यमी थे। फिल्में बनाने से पहले, उन्होंने कई क्षेत्रों में काम किया था।

1911 में, लंदन में एक फिल्म देखने के बाद, फाल्के भारतीय सिनेमा की संभावनाओं से मोहित हो गए। उन्होंने फिल्म निर्माण तकनीक सीखने के लिए इटली की यात्रा की और 1912 में भारत लौट आए।

राजा हरिश्चंद्र

“राजा हरिश्चंद्र” एक मूक फिल्म थी, जो महाभारत के एक प्रसंग पर आधारित थी। यह फिल्म 70 मिनट लंबी थी और इसमें 400 से अधिक कलाकारों ने काम किया था।

फिल्म की कहानी राजा हरिश्चंद्र के सत्य और न्याय के प्रति समर्पण पर केंद्रित है। राजा सत्य की परीक्षा देने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करते हैं।

राजा हरिश्चंद्र: एक ऐतिहासिक घटना

1911 में, लंदन में रहते हुए, फाल्के ने ‘द लाइफ ऑफ क्राइस्ट’ नामक एक फिल्म देखी। इस फिल्म से प्रेरित होकर, उन्होंने भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्में बनाने का फैसला किया।

फाल्के भारत लौटे और ‘राजा हरिश्चंद्र’ फिल्म बनाने में जुट गए। यह फिल्म पौराणिक राजा हरिश्चंद्र की कहानी पर आधारित थी, जो सत्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए अपनी पत्नी और बेटे का बलिदान देने के लिए तैयार थे।

हिंदी: सिनेमा और उसका अध्ययन महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

कला विद्या के रूप में सिनेमा और उसकी सैद्धांतिक का परिचय दीजिए

हिंदी सिनेमा के उद्धव और विकास का परिचय दीजिए

सिनेमा निर्माण में कैमरे की भूमिका एवं महत्व का प्रतिपादन कीजिए

सिनेमा क्या है हिंदी फिल्मों की विषयवार कोटियों के बारे में विस्तार से चर्चा कीजिए

सिनेमाई भाषा में प्रकाशित संयोजन और बैकग्राउंडसाउंड के महत्व को समझाइए

मदर इंडिया फिल्म की समीक्षा कीजिए

सिनेमा के विकास में तकनीकी का क्या योगदान है उल्लेख कीजिए तथा वैश्वीकरण के बाद सिनेमा में क्या बदलाव आए

सिनेमा में गीतों का क्या महत्व है आइटम गीत का प्रयोग समाज को कैसे प्रभावित करता है

मुग़ल-इ-आज़म फिल्म की समीक्षा कीजिए

निम्नलिखित परटिप्पणी कीजिए

डबिंग

शॉट के प्रकार

सिनेमा निर्माण की चुनौतियां

हिंदी सिनेमा में महिलाओं की बदलती छवि